प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही में क्या खाना चाहिए?HealthPlanet

Posted on Tue 7th Feb 2023 : 11:44

आपको पोषक तत्वों से भरपूर भोजन के साथ एक पौष्टिक आहार लेना चाहिए न कि ऐसा जो केवल तृप्ति दे और पेट भरे। दूसरे ट्राइमेस्टर में, आपको कैल्शियम और विटामिन डी के स्रोतों से भरपूर भोजन का सेवन करना चाहिए। जानें कि आपके दूसरे ट्राइमेस्टर के दौरान आपके लिए कौन से खाद्य पदार्थ और पोषक तत्व सबसे अधिक महत्वपूर्ण होंगे।


कैल्शियम – वैसे तो गर्भावस्था के हर महीने व अवधि में कैल्शियम का सेवन बहुत जरूरी है, लेकिन दूसरी तिमाही में इसका महत्व और बढ़ जाता है। इससे शिशु की हड्डी का तेजी से विकास होता है और हड्डियां मजबूत होती हैं। इससे आपको भी ऊर्जा मिलेगी। इसलिए अपने आहार में इसे जरूर शामिल करें। कैल्शियम के लिए आप दूध व दूध से बने उत्पादों को ले सकती हैं।

विटामिन डी – आपको अपने आहार में विटामिन डी भी शामिल करना चाहिए। दरअसल यह कैल्शियम को अवशोषित करता है। अंडे, तैलीय मछली और लाल मांस से आपको विटामिन डी मिलेगा।

प्रोटीन – दूसरी तिमाही में आपके लिए प्रोटीन का सेवन भी बहुत जरूरी है। दरअसल इस अवधि में बच्चे का विकास होने लगता है और प्रोटीन उसके लिए भी आवश्यक होता है। प्रोटीन के लिए आप अपने आहार में चिकन, मछली, अंडे को शामिल कर सकती हैं।

फोलिक एसिड – इस अवस्था में फोलिक एसिड युक्त आहार का सेवन करने से भी गर्भवती को काफी फायदा होता है। फोलिक एसिड के लिए आप हरी मटर, मूली के पत्ते, हरी पत्तेदार सब्जियां, पालक, सरसों का साग, मीठे नींबू, संतरा, खरबूजा, टमाटर का सेवन कर सकती हैं।

आयरन युक्त आहार – बच्चे के विकास व आपको अपने शरीर में 4-5 लीटर अधिक खून बनाने के लिए आयरन युक्त आहार काफी अहम भूमिका निभाता है। इसके अलावा यह एनीमिया व संक्रमण रोकने में भी मदद करता है। ऐसे में आपको इसका सेवन दूसरी तिमाही में जरूर करना चाहिए। आयरन के लिए आप आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, मल्टीग्रेन ब्रेड और अनाज के अलावा दालें, फलियां, सूखे मेवे, चिकन, मछली व पूरी तरह पके अंडे का सेवन कर सकती हैं।

मैग्नीशियम युक्त भोजन – दूसरी तिमाही में इसके सेवन से शरीर की ऐंठन कम होती है और बच्चे की हड्डियां भी मजबूत बनती हैं। आपको इसे भी अपने आहार में जोड़ना चाहिए। मैग्नीशियम के लिए आप दलिया, केले, किशमिश, एवोकैडो, बादाम, काजू, बीन्स, कद्दू व फलियां आदि ले सकती हैं।

फाइबर युक्त आहार – गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में फाइबर की उचित मात्रा का सेवन काफी फायदेमंद होता है। आप भी अगर इस अवस्था में हैं, तो अपने आहार में इसे जरूर शामिल करें। फाइबर के लिए आप साबुत अनाज, ओट्स, हरी पत्तेदार सब्जियां व जई आदि का सेवन कर सकती हैं।

विटामिन सी – प्रेग्नेंसी के दौरान विटामिन सी का सेवन आपके बच्चे की मांसपेशी को हड्डी से जोड़ने वाली नसों व हड्डियों और त्वचा के लिए काफी फायदेमंद है। ऐसे में आपको भी इसका सेवन जरूर करना चाहिए। विटामिन सी के लिए आप खट्टे फल जैसे कि संतरे, अंगूर व नींब को आहार में शामिल करें। इसके अलावा कीवी, जामुन, अमरूद, कैंटपूल, अनानास, कद्दू, स्क्वैश, पालक, ब्रोकली आदि का सेवन कर सकती हैं।

ओमेगा 3 तेल – दूसरी तिमाही में आपके बच्चे के मस्तिष्क के विकास के लिए ओमेगा 3 तेल काफी कारगर होता है। इसलिए आपको इसका सेवन जरूर करना चाहिए। ओमेगा 3 तेल के लिए आप अपने आहार में सरसों के तेल, उरद दाल, मछली के तेल, चिया के बीज, अखरोट, मछली की रोइ (अंडे), सोयाबीन, फूलगोभी, ब्रोकली, पालक, हर्ब्स, लौंग व अजवायन को आहार में शामिल कर सकती हैं।

फल खूब खाएं – फलों का सेवन चौथे महीने में खास महत्व रखता है। फलों में विटामिन और खनिज भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं। इसके अलावा इसमें पानी व फाइबर की मात्रा भी काफी होती है। इस अवधि में गर्भवती को इन सब चीजों की काफी जरूरत होती है। ऐसे में चौथे महीने में फलों का अधिक से अधिक सेवन करना चाहिए।

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