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आपको पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र à¤à¥‹à¤œà¤¨ के साथ à¤à¤• पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार लेना चाहिठन कि à¤à¤¸à¤¾ जो केवल तृपà¥à¤¤à¤¿ दे और पेट à¤à¤°à¥‡à¥¤ दूसरे टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤° में, आपको कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और विटामिन डी के सà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र à¤à¥‹à¤œà¤¨ का सेवन करना चाहिà¤à¥¤ जानें कि आपके दूसरे टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤° के दौरान आपके लिठकौन से खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ और पोषक ततà¥à¤µ सबसे अधिक महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ होंगे।
कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® – वैसे तो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के हर महीने व अवधि में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का सेवन बहà¥à¤¤ जरूरी है, लेकिन दूसरी तिमाही में इसका महतà¥à¤µ और बढ़ जाता है। इससे शिशॠकी हडà¥à¤¡à¥€ का तेजी से विकास होता है और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ मजबूत होती हैं। इससे आपको à¤à¥€ ऊरà¥à¤œà¤¾ मिलेगी। इसलिठअपने आहार में इसे जरूर शामिल करें। कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के लिठआप दूध व दूध से बने उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ को ले सकती हैं।
विटामिन डी – आपको अपने आहार में विटामिन डी à¤à¥€ शामिल करना चाहिà¤à¥¤ दरअसल यह कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® को अवशोषित करता है। अंडे, तैलीय मछली और लाल मांस से आपको विटामिन डी मिलेगा।
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ – दूसरी तिमाही में आपके लिठपà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का सेवन à¤à¥€ बहà¥à¤¤ जरूरी है। दरअसल इस अवधि में बचà¥à¤šà¥‡ का विकास होने लगता है और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ उसके लिठà¤à¥€ आवशà¥à¤¯à¤• होता है। पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ के लिठआप अपने आहार में चिकन, मछली, अंडे को शामिल कर सकती हैं।
फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ – इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ यà¥à¤•à¥à¤¤ आहार का सेवन करने से à¤à¥€ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को काफी फायदा होता है। फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के लिठआप हरी मटर, मूली के पतà¥à¤¤à¥‡, हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, पालक, सरसों का साग, मीठे नींबू, संतरा, खरबूजा, टमाटर का सेवन कर सकती हैं।
आयरन यà¥à¤•à¥à¤¤ आहार – बचà¥à¤šà¥‡ के विकास व आपको अपने शरीर में 4-5 लीटर अधिक खून बनाने के लिठआयरन यà¥à¤•à¥à¤¤ आहार काफी अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है। इसके अलावा यह à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ व संकà¥à¤°à¤®à¤£ रोकने में à¤à¥€ मदद करता है। à¤à¤¸à¥‡ में आपको इसका सेवन दूसरी तिमाही में जरूर करना चाहिà¤à¥¤ आयरन के लिठआप आहार में हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, मलà¥à¤Ÿà¥€à¤—à¥à¤°à¥‡à¤¨ बà¥à¤°à¥‡à¤¡ और अनाज के अलावा दालें, फलियां, सूखे मेवे, चिकन, मछली व पूरी तरह पके अंडे का सेवन कर सकती हैं।
मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ – दूसरी तिमाही में इसके सेवन से शरीर की à¤à¤‚ठन कम होती है और बचà¥à¤šà¥‡ की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¥€ मजबूत बनती हैं। आपको इसे à¤à¥€ अपने आहार में जोड़ना चाहिà¤à¥¤ मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के लिठआप दलिया, केले, किशमिश, à¤à¤µà¥‹à¤•ैडो, बादाम, काजू, बीनà¥à¤¸, कदà¥à¤¦à¥‚ व फलियां आदि ले सकती हैं।
फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ आहार – गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की दूसरी तिमाही में फाइबर की उचित मातà¥à¤°à¤¾ का सेवन काफी फायदेमंद होता है। आप à¤à¥€ अगर इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में हैं, तो अपने आहार में इसे जरूर शामिल करें। फाइबर के लिठआप साबà¥à¤¤ अनाज, ओटà¥à¤¸, हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ व जई आदि का सेवन कर सकती हैं।
विटामिन सी – पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान विटामिन सी का सेवन आपके बचà¥à¤šà¥‡ की मांसपेशी को हडà¥à¤¡à¥€ से जोड़ने वाली नसों व हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और तà¥à¤µà¤šà¤¾ के लिठकाफी फायदेमंद है। à¤à¤¸à¥‡ में आपको à¤à¥€ इसका सेवन जरूर करना चाहिà¤à¥¤ विटामिन सी के लिठआप खटà¥à¤Ÿà¥‡ फल जैसे कि संतरे, अंगूर व नींब को आहार में शामिल करें। इसके अलावा कीवी, जामà¥à¤¨, अमरूद, कैंटपूल, अनानास, कदà¥à¤¦à¥‚, सà¥à¤•à¥à¤µà¥ˆà¤¶, पालक, बà¥à¤°à¥‹à¤•ली आदि का सेवन कर सकती हैं।
ओमेगा 3 तेल – दूसरी तिमाही में आपके बचà¥à¤šà¥‡ के मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के विकास के लिठओमेगा 3 तेल काफी कारगर होता है। इसलिठआपको इसका सेवन जरूर करना चाहिà¤à¥¤ ओमेगा 3 तेल के लिठआप अपने आहार में सरसों के तेल, उरद दाल, मछली के तेल, चिया के बीज, अखरोट, मछली की रोइ (अंडे), सोयाबीन, फूलगोà¤à¥€, बà¥à¤°à¥‹à¤•ली, पालक, हरà¥à¤¬à¥à¤¸, लौंग व अजवायन को आहार में शामिल कर सकती हैं।
फल खूब खाà¤à¤‚ – फलों का सेवन चौथे महीने में खास महतà¥à¤µ रखता है। फलों में विटामिन और खनिज à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में मौजूद होते हैं। इसके अलावा इसमें पानी व फाइबर की मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ काफी होती है। इस अवधि में गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को इन सब चीजों की काफी जरूरत होती है। à¤à¤¸à¥‡ में चौथे महीने में फलों का अधिक से अधिक सेवन करना चाहिà¤à¥¤
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